Garmi KI Chuttiyan || गर्मी की छुट्टियां

 

दोस्तों ,हम सबने अपने बचपन में बचपन की वो गर्मी की छुट्टिओं को बड़े ही आनंद  के साथ जिया है ,बस मुझे भी वो मस्ती वाली गर्मी की छुट्टियां याद आयीं और मेरे मन में ये भाव आये। 




खुशियों का ठिकाना नहीं होता था 

बस्ते से आजादी जैसे पाना होता था 

बचपन का वो एक जमाना होता था 

जब आती थीं गर्मी की छुट्टियां 

कॉपी किताब सब एक तरफ रखते 

उछल कूद मौज मस्ती में लगे रहते 

घर में धमाचौकड़ी मचाना होता था 

जब आती थीं गर्मी की छुट्टियां 

ना सुबह सकारे उठने का कोई डर   

ना कड़के घाम की होती थी फिकर 

बस पुरे टोले हल्ला मचाना होता था 

जब आती थीं गर्मी की छुट्टियां 

अम्म भी करती बेसब्री से इन्तजार 

कब छुट्टियां हो और हम हो तैयार 

नाना-नानी जी के घर जाना होता था 

जब आती थीं गर्मी की छुट्टियां 

आज भी मुखड़े पर मुस्कान होती है 

जब याद आते हैं बचपन के वो लम्हें 

वो अमोल पल बड़ा सुहाना होता था 

जब आती थीं गर्मी की छुट्टियां 

धन्यवाद् 

सुनीता श्रीवास्तवा 


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