Aisa Koi Mila Nahin || ऐसा कोई मिला ही नहीं
बिन कहे कोई समझ ले मेरे अल्फाज़
क्या करें,ऐसा कोई मिला ही नहीं
किसी को कुछ समझा सकें बता सकें
बयां कर सकें अपने ह्रदय के जज्बात
क्या करें,ऐसा कोई मिला ही नहीं
लड़खड़ाये कदम अगर तो संभाल ले
रूठ जावूं किसी बात पर तो मना ले
ऐसा कोई जो समझे मुझे सबसे खास
क्या करें,ऐसा कोई मिला ही नहीं
घनघोर बारिशों की हो रही हो छम छम
किसी बात पे जो हो जाये मेरी आँखें नम
भरी बारिश में कोई पढ़ ले चेहरा उदास
क्या करें,ऐसा कोई मिला ही नहीं
भीतर एक तूफ़ान हो ,अधरों पे मुस्कान
अंतर्मन में हो बेचैनी तबियत हो परेशान
सुन सके जो , मेरी ख़ामोशी की आवाज
क्या करें,ऐसा कोई मिला ही नहीं
लोगों का हुजूम हो फिर भी हो तन्हाई
कुछ बात से जो मेरी आँख भर आयी
अनकही बातों का जिसे हो एहसास
क्या करें,ऐसा कोई मिला ही नहीं
धन्यवाद्
सुनीता श्रीवास्तवा

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