Kyonki Kal Hum Retier Ho Jayenge || क्योंकि कल हम रिटायर हो जायेंगे

 

कल से ये दरो दीवार अजनबी बन जायेंगे 

ये जो कुर्सी है उस पर बैठ भी नहीं पाएंगे 

सब यहाँ होंगे मगर हम नजर नहीं आएंगे 

क्योंकि कल हम रिटायर हो जायेंगे 

थोड़ी उदासी चेहरे पे थोड़ा मायूस है मन 

कल से यारों की रौनक हो जाएगी ख़तम 

बाबूलाल से बार बार चाय नहीं मंगवाएंगे 

क्योंकि कल हम रिटायर हो जायेंगे 

घर से दफ्तर की भागदौड़ ,दफ्तर से घर 

बंद हो जायेगा अब ये रोजरोज का सफर 

बॉस की तानाशाही से मुक्त भी हो जायेंगे 

क्योंकि कल हम रिटायर हो जायेंगे 

कल मेरी कुर्सी पर कोई और आ जायेगा 

मेरी फाइलों को अब कोई और उठाएगा 

कल से हम अपने बागों में गस्त लगाएंगे 

क्योंकि कल हम रिटायर हो जायेंगे

 नया सबेरा होगा , एक नया जीवन होगा  

आजाद पंछी होंगे ना कोई बन्धन रहेगा 

सारा समय अपने बच्चों के संग बिताएंगे 

क्योंकि कल हम रिटायर हो जायेंगे

धन्यवाद 
सुनीता श्रीवास्तवा 













कोई टिप्पणी नहीं

Thanks For Reading This Post